Athiest Republic - जाने कौन है अथीस्ट और क्यों कर रहे हैं अन्य धर्मों पर प्रहार

अथीस्ट रिपब्लिक ( Athiest Republic ) अपने आप को किसी भी धर्म का ना मानने वाले ऐसे लोग हैं जो अपने आप को बाकि मान, धर्मो से परे बताते हैं। इनका कहना है की संसार में कोई भगवान, अल्लाह या God अस्तित्व में ही नहीं है।

athiest republic



अलग अलग देशों से कुछ लोग अपना धर्म बदलकर खुद को "अथीस्ट" बोल कर अलग तबके में शामिल हो रहे हैं। और आज की इंटरनेट की दुनिआ में कुछ हद तक यह ग्रुप अपने आप में बड़ा भी हो रहा हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सही है या यह सिर्फ एक हाईलाइट होने का तरीका है इसका पता आपको इनकी करतूतों से लग जाएगा। 

आइए इससे पहले जानते हैं इसके फाउंडर के बारे में जिसने "Athiest Republic" कम्युनिटी का प्रारम्भ किया था। 

Founder of Athiest Republic


अथीस्ट रिपब्लिक की शुरुआत canada में रहने वाले एक "Armin Nawabi" नामक व्यक्ति ने 2012 में की। क्युकी यह मुस्लिम धर्म का आदमी था तो इसने इस धर्म को त्यागते हुए अपने आप को (एक्स-मुस्लिम) कहा और खुद को धार्मिक भावनाओं और किसी अल्लाह (गॉड) को न मानने वाला घोषित किया। साथ ही साथ Athiest बताया और अपने जैसे और लोगों का ग्रुप बनाने के लिए फेसबुक में ग्रुप बनाया साथ ही साथ इंटरनेट में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

armin navabi



'अथीस्ट रिपब्लिक' की शुरुआत करते हुए इसने मुसलामानों पर गलत टिप्पणियां करनी आरम्भ कर दी और साथ ही साथ ही साथ अन्य लोगों की धार्मिक भावनाओं पर भी चोट पहुंचाई जिसके कारण यह लोगों के बीच discussion का केंद्र बन गया। 

अथिएस्ट रिपब्लिक के गलत काम

अथीस्ट रिपब्लिक आय दिन अपने उल जलूल comments और विचार अन्य धर्मो पर प्रसारित करता रहता है। Armin Navabi जो की फाउंडर है आय दिन भगवानो को गलत रूप में दिखाने की वजह से लोगों की गालियां खाता है। लेकिन देखने वाली बात यह है की इसको इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पडता की बाकि लोगों की भावनाएं आहात हो या न हो। 

हाल ही में "Armin Navabi" के खिलाफ केस दर्ज़ हुआ है। चूकी इसने hindus के परम पूज्य माता काली पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गलत चित्रण लोगों के बीच शेयर किआ था तो यूनिवर्सल हिंदू काउंसिल के विनोद बंसल ने दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस के साथ Armin Navabi के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज की, जिसमें ट्विटर पर ईश-निंदा की सामग्री को अनुमति दी गई और एक शिकायत में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी को भी टैग किया गया।

और हाल ही में "Muhammad" और "Lord Ram" का भी गलत चित्रण एक साथ अर्मिन के फेसबुक प्रोफाइल पर देखा गया। इन हरकतों  यह हर किसी से कुछ न कुछ  बुरा ही सुनता है लेकिन जवाब किसी का नहीं देता। 

 धार्मिक भावनाएं भड़काने और ठेस पहुंचने की शिकायत की वजह से इसका ट्विटर अकाउंट पहले ही ब्लॉक कर दिया गया था लेकिन फेसबुक अभी भी इसको गलत सामग्री शेयर करने की अनुमति दिए हुए है।  अब देखने वाली बात ये है की इसके बावजूद भी यह जेल में जाता है की नहीं।

अथीस्ट रिपब्लिक - कहाँ तक सही?


भगवान् को मानना या ना मानना किसी की अपनी पर्सनल चॉइस है लेकिन किसी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं करना और उल्टा गलत सलत कहना अपने आप में गलत है जिसके करण "Armin Navabi" ऐक गलत इंसान है। 

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